Rui ki Patti mandar ki Patti mandar Leaves 150 gram
मदार (रुई) के पौधों का दैनंदिन ...रुई (आक/मदार) एक आयुर्वेदिक और औषधीय पौधा है, जिसके पत्ते, फूल और जड़ का उपयोग जोड़ों के दर्द, सूजन, कान दर्द, और त्वचा रोगों (जैसे दाद) में किया जाता है। इसके पत्तों को तेल या घी लगाकर सेंकने से दर्द में राहत मिलती है, लेकिन इसका दूध (चीक) जहरीला होता है, इसलिए इसे सावधानी से उपयोग करना चाहिए।
रुई के पेड़ के प्रमुख औषधीय उपयोग:
जोड़ों और बदन दर्द में: रुई के पत्तों पर तेल (विशेषकर अरंडी का तेल) लगाकर गर्म करके दर्द या सूजन वाले स्थान पर बांधने से भयंकर दर्द से राहत मिलती है।
कान के दर्द में: रुई के पत्तों के रस की 1-2 बूंदें कान में डालने से कान के दर्द में आराम मिल सकता है।
त्वचा रोग: रुई की जड़ का चूर्ण या पत्ते का रस त्वचा के विकारों जैसे दाद, खाज-खुजली में फायदेमंद होता है।
पेट के रोग: आयुर्वेद में इसकी जड़ का उपयोग पेट दर्द या पाचन संबंधी समस्याओं में किया जाता है।
दीमक नियंत्रक: रुई के पत्तों को पानी में उबालकर बनाई गई खाद का उपयोग दीमक नष्ट करने के लिए किया जा सकता है।
सावधानी (Warning):
रुई का दूध (latex) जहरीला होता है। यह आंखों में जाने पर आंख खराब कर सकता है, इसलिए इसे उपयोग करते समय बहुत सावधानी बरतें। बच्चों की पहुंच से दूर रखें। यह जानकारी केवल सामान्य ज्ञान के लिए है, किसी भी उपचार से पहले विशेषज्ञ या वैद्य की सलाह अवश्य लें।
top of page
₹150.00Price
bottom of page
