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मरीज का सवाल — ₹1 के कच्चे माल से ₹38,000 का इंजेक्शन क्यों?

Sep 4
3 min read

“अगर किसी दवा का वास्तविक उत्पादन खर्च बहुत कम है, तो वही दवा मरीज तक पहुँचते-पहुँचते हजारों रुपये की क्यों हो जाती है?”

यह सवाल किसी अमीर व्यक्ति का नहीं, बल्कि उस गरीब मरीज का है जिसे इलाज के लिए अपनी जमा-पूंजी तक खर्च करनी पड़ती है।

उदाहरण के तौर पर Ozurdex (dexamethasone intravitreal implant) जैसे महंगे ophthalmic products की कीमत को लेकर मरीजों के मन में अक्सर सवाल उठते हैं। यदि किसी उत्पाद का MRP लगभग ₹38,000 है और अस्पताल को वह इससे काफी कम कीमत पर उपलब्ध होता है, तो मरीज जानना चाहता है कि अंतिम कीमत इतनी अधिक क्यों हो जाती है।

क्या किसी दवा की वास्तविक Cost Sheet देखी जाती है?

हर manufacturing company अपने उत्पाद के निर्माण में लगने वाले विभिन्न खर्चों का हिसाब रखती है—जैसे:

  • Raw material

  • Active pharmaceutical ingredient

  • Excipients

  • Sterile manufacturing

  • Special medical-device/implant components

  • Injection/implant packaging

  • Vial, applicator या cover

  • Quality control और quality assurance

  • Testing

  • Manufacturing overhead

  • Labour

  • Research & development

  • Regulatory compliance

  • Transportation और storage

लेकिन किसी विशेष कंपनी की वास्तविक Cost Sheet सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हुए बिना यह निश्चित रूप से कहना कि उसका उत्पाद ₹5,000–₹7,000 में ही बनता है, सही नहीं होगा।

यही कारण है कि असली सवाल और महत्वपूर्ण हो जाता है—

❓ क्या मरीज को कीमत का पारदर्शी हिसाब मिलना चाहिए?

एक सामान्य व्यापार में manufacturer अपने उत्पाद पर अलग-अलग स्तर पर margin रखता है। Distributor, stockist, retailer और अन्य चैनलों में भी अलग-अलग commercial margins हो सकते हैं।

लेकिन जब कोई महंगी life-saving या sight-saving medicine अस्पताल में इस्तेमाल होती है, तब मरीज के लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि:

Manufacturer Price → Distributor/Institutional Price → Hospital Purchase Price → Patient Billing Price

इन सभी चरणों में कीमत कितनी बढ़ी?

एक और बड़ा सवाल — सस्ती दवा और महंगे इलाज का अंतर

Dexamethasone जैसी दवाओं के कई सामान्य formulations बहुत कम कीमत पर उपलब्ध हैं। लेकिन Ozurdex कोई साधारण dexamethasone tablet या सामान्य injection नहीं है। यह एक विशेष intravitreal sustained-release implant है, जिसकी manufacturing, sterility, delivery system, quality control और regulatory requirements अलग होती हैं।

इसलिए केवल raw material की कीमत देखकर पूरे product की manufacturing cost तय नहीं की जा सकती।

लेकिन यही बात transparency की मांग को और मजबूत करती है।

यदि तकनीक, manufacturing process और quality requirements इतनी महत्वपूर्ण हैं, तो मरीज को यह समझाने में क्या समस्या है कि कीमत इतनी अधिक क्यों है?

🇮🇳 भारत में यह सवाल क्यों जरूरी है?

भारत ने कम लागत में जटिल vaccines, medicines, surgical products और space technology विकसित करके पूरी दुनिया में अपनी क्षमता साबित की है।

हमने कम लागत में अंतरिक्ष मिशन पूरे किए हैं।

तो फिर सवाल उठता है—

क्या भारत ऐसी अत्याधुनिक ophthalmic medicines और implants को और कम कीमत पर विकसित नहीं कर सकता?

क्या भारतीय pharmaceutical और medical-device manufacturers को इस क्षेत्र में और अधिक प्रोत्साहन नहीं मिलना चाहिए?

क्या गरीब मरीजों के लिए ऐसे महंगे उपचारों का कोई affordable Indian alternative विकसित नहीं होना चाहिए?

मरीज का सवाल गलत नहीं है

मरीज डॉक्टर से इलाज चाहता है।

डॉक्टर मरीज की बीमारी का सर्वोत्तम उपचार करना चाहता है।

फार्मासिस्ट दवा उपलब्ध कराता है।

Manufacturer दवा बनाता है।

Hospital उपचार प्रदान करता है।

लेकिन इन सभी के बीच सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति है—

PATIENT — मरीज

अगर मरीज को ₹30,000–₹40,000 की दवा खरीदनी पड़ रही है, तो उसे यह पूछने का पूरा अधिकार होना चाहिए कि:

“इस कीमत का आधार क्या है?”

यह किसी एक कंपनी, डॉक्टर या अस्पताल पर आरोप लगाने का विषय नहीं है।

यह Healthcare Pricing Transparency का विषय है।

और यदि कहीं manufacturer incentive, institutional discount, trade margin अथवा hospital billing में अत्यधिक अंतर है, तो उसकी निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता होनी चाहिए।

मेरा सवाल

क्या महंगी दवाओं और implants की वास्तविक manufacturing तथा supply-chain pricing की जानकारी मरीजों के लिए अधिक पारदर्शी नहीं होनी चाहिए?

क्या भारत में महंगे imported ophthalmic products के affordable भारतीय विकल्प विकसित करने के लिए सरकार, pharmaceutical industry और researchers को मिलकर काम नहीं करना चाहिए?

गरीब मरीज के लिए ₹38,000 केवल एक कीमत नहीं है—

कई परिवारों के लिए यह कई महीनों की कमाई है।

दवा वही हो, इलाज वही हो—लेकिन कीमत ऐसी हो जिसे मरीज वहन कर सके।


ozurdex injection implant video.

लेखक:

Adv. Sandeep Pandey [Pharmacist & Lawyer]

 
 
 

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